कलेक्टर श्री हरेंद्र नारायन के मार्गदर्शन एवं उप संचालक कृषि श्री मोरिस नाथ की उपस्थिति में परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेव्हीवाय ) अंतर्गत सतपुड़ा सामुदायिक भवन, तामिया में एलआरपी एवं कृषकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र आदि जैविक इनपुट तैयार करने एवं उनके उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम ईश एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड, इंदौर द्वारा जिले में संचालित गतिविधियों के अंतर्गत आयोजित किया गया। संस्था द्वारा अमरवाड़ा, जुन्नारदेव, तामिया एवं हर्रई क्षेत्र के कृषकों का चयन किया गया है।
कृषि विज्ञान केंद्र देलाखारी के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. डी.सी. श्रीवास्तव ने कृषकों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के महत्व तथा इसकी उपयोगिता के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। वैज्ञानिक श्री एस.के. अहिरवार ने एलआरपी एवं कृषकों को जीवामृत, बीजामृत, नीमास्त्र आदि बनाने की विधि एवं उनके उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
परियोजना संचालक आत्मा श्री धीरज ठाकुर ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती, बाजार व्यवस्था तथा जैविक उत्पादों के विपणन के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कृषकों को रबी मौसम में कम पानी में होने वाली फसलों जैसे चना, सरसों एवं अलसी आदि को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
उप संचालक कृषि श्री नाथ ने कृषकों को कम से कम एक एकड़ क्षेत्र में जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने संस्था के प्रतिनिधियों को कृषकों के जैविक उत्पादों के लिए उचित बाजार उपलब्ध कराने के लिये आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में सहायक संचालक कृषि श्री दीपक चौरसिया, एसएडीओ श्री योगेश उइके, संस्था प्रतिनिधि श्री प्रशांत परिहार, एईओ श्री पंकज पराडकर, बीटीएम श्री गोविंदा बिहारे, एटीएम श्री योगेश चोपड़े, श्री नितेश गजभिये, एईओ श्री रोहित डेहरिया, एईओ श्रीमती रूपाली पराडकर, एटीएम श्री चूड़ामन सोनारे सहित एग्रीटेक संस्था के प्रतिनिधि, बीसी, एलआरपी, कृषक एवं प्रगतिशील कृषक श्री पुरनलाल इवनाती एवं श्री जगतलाल टेकाम उपस्थित थे।




